शिमला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के विरोध में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय शिमला परिसर के समीप प्रदर्शन करते हुए एफआईआर को लेकर भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और इसे तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विपक्ष की भूमिका का सम्मान किया जाना जरूरी है। राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को शिमला में जुटे।
उपायुक्त कार्यालय परिसर के समीप हुए प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने एफआईआर के खिलाफ आवाज बुलंद की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल खड़े करती है। पार्टी ने मांग की कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को तत्काल वापस लिया जाए।
सीएम सुक्खू बोले- राहुल गांधी की लोकप्रियता से घबराई भाजपा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदर्शन के दौरान भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया गया, लेकिन उस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने इस कार्रवाई को अत्यंत निंदनीय बताया।




‘तानाशाही का नया ट्रेंड शुरू कर रही भाजपा’
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘तानाशाही का नया ट्रेंड’ शुरू किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। असहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित सरकारें राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा सर्व समाज की विचारधारा है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
विनय कुमार ने भी एफआईआर के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी एफआईआर के मुद्दे पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका, असहमति का सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
‘राजनीतिक मतभेदों का समाधान संवैधानिक तरीके से हो’
विनय कुमार ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है। अलग-अलग राजनीतिक दलों की विचारधारा और नीतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन इन मतभेदों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध को दबाने के बजाय संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए उसका समाधान तलाशना चाहिए।
राहुल गांधी FIR विवाद पर कांग्रेस का राजनीतिक संदेश
शिमला में हुए इस प्रदर्शन के जरिए हिमाचल कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि वह राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुद्दे को लेकर भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाएगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दोनों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक असहमति को आपराधिक कार्रवाई के बजाय लोकतांत्रिक संवाद के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।








