शिमला। शिमला जिले में वर्ष 2022 में हुए एक हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला शिमला की विशेष अदालत ने सुनाया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए।

पुलिस के अनुसार थाना ढली में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 324 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी रामेश्वर, पुत्र स्वर्गीय बिहारी लाल, निवासी गांव थूंड, डाकघर सतलाई, तहसील जुंगा, जिला शिमला ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पीड़ित को चोटें भी पहुंचाई थीं।
मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपना पक्ष रखा। इसके बाद विशेष न्यायाधीश, शिमला ने मंगलवार को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा अदालत ने आरोपी को धारा 324 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
जिला शिमला पुलिस ने कहा है कि गंभीर अपराधों के मामलों में निष्पक्ष, वैज्ञानिक और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के प्रभावी संकलन और अदालत में मजबूत पैरवी के माध्यम से दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की दिशा में काम जारी रहेगा। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।







