ठियोग। ठियोग के बलसन क्षेत्र के शिरगुली गांव में बुधवार दोपहर बाद भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। आग की इस भयावह घटना में दो रिहायशी मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि तीसरे मकान को बचाने के लिए देर शाम तक प्रयास जारी रहे। आग में 30 से अधिक कमरे जलने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार दोपहर करीब अढ़ाई बजे शिरगुली गांव में लायक राम बकसेठ के मकान से अचानक आग की लपटें उठती दिखाई दीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास स्थित अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रभावित मकान पारंपरिक शैली में लकड़ी से निर्मित थे तथा उनमें लकड़ी के साथ रंग-रोगन और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद थी, जिस कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिए संभाला मोर्चा
ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने के लिए तत्काल मोर्चा संभाला। गांव के लोगों ने बाल्टियों, पाइपों तथा पावर स्प्रेयर की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके प्रयास सफल नहीं हो सके। ग्रामीण लगातार कई घंटों तक आग से जूझते रहे।
दमकल विभाग की टीम ने टाला बड़ा हादसा
घटना के दौरान दमकल विभाग की अनुपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बताया जा रहा है कि देहा का दमकल वाहन पहले से ही क्षेत्र के एक जंगल में लगी आग बुझाने के कार्य में लगा हुआ था, जिस कारण उसे शिरगुली नहीं भेजा जा सका। इसके बाद चौपाल से अग्निशमन वाहन को मौके पर बुलाया गया। दुर्गम क्षेत्र और लंबी दूरी के कारण राहत कार्य प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है, लेकिन भीषण अग्निकांड के दौरान अग्निशमन विभाग की तत्परता और साहसिक प्रयासों ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।








