शिमला। लंबे वीकेंड और सुहावने मौसम का असर राजधानी शिमला के पर्यटन कारोबार पर साफ दिखाई दिया। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला पहुंचे। पर्यटकों के वाहनों की भारी आवाजाही से शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों और कालका-शिमला हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ गया।

पिछले दो दिनों में बाहरी राज्यों से करीब 34 हजार वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई। वहीं, शिमला के कई होटलों में 80 से 90 प्रतिशत तक कमरे बुक रहे। रविवार को लंबे वीकेंड के बाद सैलानियों की वापसी शुरू होने से शिमला से कालका की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
कालका-शिमला ट्रेन बंद, सड़क पर बढ़ा दबाव
कालका-शिमला हेरिटेज रेल मार्ग पर भूस्खलन के बाद मरम्मत और निर्माण कार्य जारी है। एक पुल के पास हुए भूस्खलन के कारण कालका से शिमला के बीच सीधी ट्रेन सेवा पिछले कई दिनों से बंद है। ट्रेन सेवा बंद होने के चलते बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले पर्यटकों के लिए सड़क मार्ग प्रमुख विकल्प बना हुआ है। इसका सीधा असर कालका-शिमला हाईवे और शहर के प्रवेश मार्गों पर दिखाई दे रहा है।
34 हजार वाहनों की आवाजाही
जिला पर्यटन अधिकारी शिमला जगदीश शर्मा के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में शिमला और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। लंबे वीकेंड के साथ मौसम अनुकूल रहने को पर्यटकों की बढ़ी संख्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछले दो दिनों में करीब 34 हजार बाहरी राज्यों के वाहनों की आवाजाही दर्ज होना शिमला में पर्यटकों की बड़ी संख्या को दर्शाता है।
होटल कारोबार को भी मिला बूम
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा फायदा होटल और पर्यटन कारोबार को मिला है। शिमला के कई होटल अपनी क्षमता के करीब पहुंच गए हैं और करीब 80 से 90 प्रतिशत कमरे बुक बताए जा रहे हैं। शहर के अलावा पर्यटक कुफरी और आसपास के अन्य पर्यटन क्षेत्रों का भी रुख कर रहे हैं। इससे टैक्सी, होटल, रेस्तरां और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबार में भी तेजी देखने को मिल रही है।
मानसून की विदाई के बाद बढ़ी पर्यटन गतिविधियां
मानसून की विदाई के बाद शिमला में मौसम साफ है। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पर्यटन विभाग के अनुसार इस वर्ष पिछले साल की तरह प्राकृतिक आपदाओं का असर कम रहा। मानसून के दौरान भी शिमला में पर्यटकों की आवाजाही बनी रही और अब मौसम के अनुकूल होने के बाद पर्यटन कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है।
तारादेवी से ढली तक यातायात प्रभावित
पर्यटकों की भारी आवाजाही का असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी पड़ा। रविवार को तारादेवी से शिमला आने वाले मार्ग, टूटीकंडी, कार्ट रोड और ढली क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए निगरानी बढ़ा दी है और अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।
रविवार को वापसी का दबाव
लंबे वीकेंड के बाद रविवार को बड़ी संख्या में पर्यटकों ने शिमला से वापसी शुरू की। शिमला की ओर आने वाले वाहनों की तुलना में कालका की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक रही। इस कारण कालका-शिमला मार्ग पर कई स्थानों पर वाहनों की कतारें लगीं। एक तरफ जहां पर्यटकों की भारी भीड़ ने पर्यटन कारोबार को रफ्तार दी, वहीं दूसरी तरफ सड़क मार्ग पर बढ़ा दबाव यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बना रहा।








