हिमाचल दस्तक। शिमला
शिमला में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प हो गई है। शहर में रविवार रात से जारी बारिश के कारण पेयजल परियोजनाओं में गाद आ गई है। जिस कारण परियोजनाओं से पंपिंग ठप हो गई है। उधर बारिश के कारण 10 एमएलडी वाली परियोजना चाबा का जलस्तर बढ़ गया है। इससे परियोजना का पंपिंग स्टेशन पानी में डूब गया है। गुम्मा परियोजना के नौटी खड्ड में सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर 6850 एनटीयू गाद आई है। भारी बारिश से सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिस कारण परियोजनाओं में भारी मात्रा में गाद जमा हो गई है। गाद के आगे कंपनी की करोड़ों रुपए की मशीनें भी हांफ चुकी है। ऐसे में शहरवासियों को अगले कुछ दिनों तक पानी के लिए तरसना पड़ेगा।
उधर, पेयजल कंपनी ने शहरवासियों को पानी को जरुरत के अनुसार इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कंपनी के अनुसार गिरि व गुम्मा परियोजना में गाद रोकने के लिए ट्यूब सेटलर लगाए हैं। लेकिन पानी में गाद इतनी ज्यादा है कि यह सभी फेल हो रहे हैं। कंपनी के अनुसार ट्यूब सेटलर भी एक सीमा तक ही गाद को रोक सकते हैं, लेकिन भारी बारिश से गुम्मा में गाद इतनी बढ़ रही है कि मलबा और पत्थर तक टैंकों में पहुंच रहे हैं। इस पानी को लिफ्ट करने से पंपिंग मशीनरी भी खराब हो सकती है।
गाद के बाद टैंकों की सफाई करवाई जाती है ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। पेयजल कंपनी का कहना है कि पानी में गाद की मात्रा एक हजार एनटीयू से कम होने पर ही सप्लाई शुरू की जा सकती है। लेकिन अभी गाद की मात्रा 6 हजार एनटीयू से ज्यादा पहुंच रही है। शहर में पानी की पंपिंग ठप होने से शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अगले दो से तीन दिन बाद ही लोगों को पानी मिलेगा। अब कंपनी द्वारा पानी के शेड्यूल में बदलाव किया जाएगा।
दो जोन में शुरु की थी रोजाना आपूर्ति
शहर के दो जोन में कंपनी ने रोजाना पानी की सप्लाई शुरु कर दी थी। संजौली व छोटा शिमला जोन के तहत कई वार्डों में पेयजल सप्लाई रोजाना कर दी गई। लेकिन अब परियोजनाओं में दोबारा गाद आने से वार्डों में तीन दिन बाद लोगों को पानी की सप्लाई मिलेगी।
गाद साफ करने में जुटा एसजेपीएनएल
शिमला में दोपहर के समय बारिश का दौर थमा। जिसके बाद गुम्मा से गाद हटाने में एसजेपीएनएल के कर्मचारी जुटे गए। जैसे ही स्थिति सामान्य होती है, बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो जाता है मशीन 3000 एनटीयू तक ही गाद हटाती है। फिलहाल परियोजना में 6850 एनटीयू गाद आई है। जिससे पानी लिफ्ट नहीं हो रहा है। इसके लिए लेबर लगाकर काम कार्य शुरु कर दिया गया है।








