शिमला। हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों ने सर्दियों के आगमन का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को शिंकुला, बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग दर्रों पर हल्की बर्फ की परत जम गई, जिससे पहाड़ों ने फिर से सफेद चादर ओढ़ ली। तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, और ठंडी हवाओं ने निचले इलाकों तक ठिठुरन पहुंचा दी है।
शिमला, मनाली और लाहुल-स्पीति की ऊंची वादियों में दोपहर बाद आसमान बादलों से घिरा रहा, जबकि रात के समय हल्की बारिश और तूफान ने ठंडक को और बढ़ा दिया। हमीरपुर, बड़सर, सुजानपुर और देहरा में रातभर तेज हवाएं चलती रहीं, वहीं शिमला और कांगड़ा में हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया। बुधवार सुबह बादलों की परत के बीच शिमला की वादियां जैसे सर्दी के रंग में रंगी नज़र आईं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 5 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर देखने को मिल सकता है। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में फिर हल्की बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बूंदाबांदी संभव है। हालांकि, 6 नवंबर से अगले एक हफ्ते तक मौसम के साफ और शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
बर्फ और बारिश ने बागवानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान तो दी है—सेब और अन्य फलदार पौधों को नमी मिल गई है—लेकिन अचानक आई ठंड ने सब्जियों और नाजुक फसलों पर असर का खतरा बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों ने किसानों और बागवानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल खेतों में सिंचाई न करें, ताकि नमी और ठंड के मेल से पौधों में रोग न फैलें। साथ ही, पौधों की जड़ों के पास मल्चिंग करने और पेड़ों की छंटाई को कुछ दिनों के लिए टालने की हिदायत दी गई है।
इस बीच, मनाली, सोलंग, रोहतांग और स्पीति घाटी में बर्फ गिरने की खबर से पर्यटकों की रौनक लौट आई है। बर्फ का नजारा देखने को सैलानी अब पहाड़ों की ओर उमड़ने लगे हैं। स्थानीय होटल व्यवसायियों के मुताबिक, बर्फबारी की खबर के बाद बुकिंग्स में तेजी देखी जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने आगाह किया है कि पर्यटक ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें और बंद दर्रों की ओर बिना जानकारी के न जाएं।
मौसम विभाग का कहना है कि नवंबर में मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, लेकिन लाहुल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जैसे ऊंचे क्षेत्रों में सर्दी का असर पहले ही गहराने लगा है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है।