जिले में 1590 हेक्टेयर मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में होती है बिजाई, मक्की के उन्नत बीजों पर सरकार देगी 20 प्रति किलो अनुदान
सोलन । जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसल मक्की की बिजाई को लेकर कृषि विभाग ने अपनी कमर कस ली है। किसानों को समय पर उन्नत और उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की ओर से निदेशालय को कुल 318 क्विंटल बीज की मांग भेजी गई थी, जिसमें से 250 क्विंटल बीज की पहली खेप सोलन पहुंच चुकी है।

विभाग का मुख्य लक्ष्य मानसून की दस्तक से पहले ही बीज की सप्लाई सुनिश्चित करना है, ताकि जिले भर के किसान समय पर बिजाई का कार्य शुरू कर सकें और पैदावार प्रभावित न हो। सोलन जिले में लगभग 1,590 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर मक्की की बिजाई की जाती है। विशेष रूप से जिले के मैदानी क्षेत्रों, जिनमें बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) क्षेत्र शामिल है, मक्की की खेती बड़े पैमाने पर होती है। यहां की मिट्टी और जलवायु को मक्की की बंपर फसल के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।
इस बार मिलेंगी 7 किस्में, सरकारी सबसिडी से मिलेगी राहत
किसानों की जरूरतों और बेहतर पैदावार को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने इस बार सात अलग-अलग किस्मों के बीज मंगवाए हैं। इसमें सिंगल क्रॉस बीज की कीमत 131 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है। डबल क्रॉस 105 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध होगा। किसानों को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए सरकार की ओर से 20 रुपये प्रति किलो का विशेष अनुदान भी दिया जाएगा।
जिले में मक्की की बिजाई के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 250 क्विंटल बीज पहुंच चुका है और बची हुई सप्लाई भी जल्द ही आ जाएगी। हमारा प्रयास है कि जैसे ही बीज मिलता है, उसे तुरंत विकास खंडों और बिक्री केंद्रों के माध्यम से किसानों तक पहुंचा दिया जाए। बीबीएन जैसे मैदानी इलाकों में बिजाई का काम जल्द शुरू हो जाता है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर वहां पहले स्टॉक उपलब्ध करवाया जाएगा। बारिश होते ही जिले में बिजाई का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा।-डॉ. देवराज कश्यप, उपनिदेशक, कृषि विभाग, सोलन।








