करसोग के मटर की रही अधिक मांग; पंजाब, हरियाणा, दिल्ली यूपी की मंडियों में भेजी गई फसल
सोलन। सोलन सब्जी मंडी में इस वर्ष मटर के सीजन ने किसानों को अच्छी राहत दी है। अब तक मंडी में मटर का कुल कारोबार 5 करोड़ 30 लाख के अधिक के आंकड़ों को पार कर चुका है। वहीं मंडी में अब तक 13,265 क्विंटल मटर की आवक दर्ज की गई है, जिसे हिमाचल सहित बाहरी राज्यों की मंडियों तक भेजा गया। मटर की यह फसल मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों न की मंडियों में सप्लाई की गई, जहां इसकी अच्छी मांग बनी रही।

किसानों को मिला अच्छा मुनाफा
इस बार जिला सोलन और सिरमौर के साथ मंडी जिला के करसोग क्षेत्र से भी बड़ी मात्रा में मटर बिक्री के लिए सोलन मंडी पहुंचा है। खास बात यह रही कि करसोग क्षेत्र की मटर पूरे सीजन में सबसे अधिक चर्चा में रही। बेहतर गुणवत्ता और ताजगी के कारण करसोग का मटर 80 रुपये प्रति किलो तक बिका, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिला।
सीजन की शुरुआत में किसानों को हुई मुश्किल
हालांकि सीजन की शुरुआत किसानों के लिए ज्यादा उत्साहजनक नहीं रही थी। उस समय पड़ोसी राज्यों में मटर की अधिक पैदावार होने के कारण दिल्ली और पंजाब की मंडियों में भारी मात्रा में फसल पहुंच रही थी। इसका सीधा असर सोलन क्षेत्र के किसानों पर पड़ा और उन्हें कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। इसके अलावा जिले में लम्बे समय तक सुखे जैसी स्थिति बने रहने से मटर की फसल की गुणवत्ता और उत्पादन भी प्रभावित हुआ था। लेकिन सीजन के अंतिम दौर में बाजार का रुख बदलता नजर आया। बाहरी राज्यों में आवक कम होने लगी और मांग बढ़ने से मटर के दामों में तेजी आई। वहीं जिला में बारिश का दौर भी शुरू हुआ जिसके कारण सुख रही मटर की फसल को संजीवनी का काम भी किया जिससे मटर की फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ और दाम बढ़ने के बाद किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिलने लगा, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली।
इस साल भी सोलन मंडी में किसानों को मटर की फसल के अच्छे दाम मिले हांलाकि शुरूवाती दौर में मौसम की बेरूखी से मटर फसल प्रभावित भी रही और पिछले साल की तुलना में दाम कम रहे लेकिन धीरे धीरे मटर के दामों ने तेजी पकड़ी जिससे किसानों को लाभ मिला, इस साल गरसोग के मटर की मांग अधिक रही।-रोशन ठाकुर, चेयरमैन एपीएमसी सोलन।








