सोलन । सोलन जिले की एक होनहार बेटी ने भारतीय सेना में वो कर दिखाया है, जो आज तक कोई महिला अधिकारी नहीं कर पाई थी। अर्की उपमंडल के कहडोग गांव की रहने वाली लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर ने बैस्ट आर्टिलरी यंग ऑफिसर-सिल्वर गन ट्रॉफी जीतकर भारतीय सेना में एक नया इतिहास रच दिया है। भारतीय सेना की आर्टिलरी रैजीमैंट में सेवाएं दे रहीं प्रगति, यह सर्वोच्च और प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाली देश की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।

लैफ्टिनैंट प्रगति के पिता और भारतीय सेना से सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन बालक राम ठाकुर ने गर्व के साथ बताया कि अब तक सिल्वर गन ट्रॉफी जीतने का रिकॉर्ड केवल पुरुष अधिकारियों के नाम दर्ज था। प्रगति ने अपनी असाधारण प्रतिभा से इस परंपरा को बदलते हुए महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आयोजित यंग ऑफिसर्स कोर्स के दौरान हासिल की।
प्रगति ठाकुर को विरासत में मिला है देश सेवा का जज्बा
लैफ्टिनैंट प्रगति ठाकुर को देश सेवा का जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता बालक राम ठाकुर सेना से रिटायर्ड ऑनरेरी कैप्टन हैं, जबकि माता मीना ठाकुर एक गृहिणी हैं। प्रगति की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, जतोग से हुई। इसके बाद उन्होंने संजौली कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के बाद उन्होंने संयुक्त रक्षा सेवा की परीक्षा पास की और कठिन सेवा चयन बोर्ड इंटरव्यू को पार करते हुए सेना में अफसर बनने का अपना सपना साकार किया।








