जिला कांगड़ा के उपमंडल फतेहपुर के अंतर्गत देहरी महाविद्यालय इकाई के छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया व कॉलेज का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही प्रिंसीपल कामाक्षी लूम्बा को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान छात्रों ने न केवल कॉलेज की मूलभूत सुविधाओं को लेकर नाराजग़ी जताई, बल्कि प्रदेश स्तरीय कई मांगों को भी सरकार के सामने रखा।
दूसरा सबसे बड़ा कॉलेज, फिर भी सुविधाओं से वंचित
धरने के दौरान इकाई अध्यक्ष बाला शर्मा ने कहा कि देहरी महाविद्यालय प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा कॉलेज है, जहां प्रदेशभर से छात्र पढऩे आते हैं। लेकिन यहां की आधारभूत संरचना छात्रों को निराश करती है। प्रवेश द्वार जर्जर हालत में है और शौचालयों में गंदगी का आलम है। छात्रों को लगता है कि कहीं इस कॉलेज को चुनकर उन्होंने गलती तो नहीं की।
सरकार ने शिक्षा विरोधी फैसले लिए
इकाई के शुभम ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने युवाओं से रोजगार और 58 वर्ष की नौकरी की बहाली जैसे बड़े वादे किए थे। लेकिन अभी तक कोई वादा धरातल पर उतरता नहीं दिखा। उल्टा प्रदेश में शिक्षा विरोधी फैसले ही लिए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और छात्र संघ चुनाव
विद्यार्थी परिषद ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शीघ्र और प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही लंबे समय से बंद छात्र संघ चुनावों को तुरंत बहाल किया जाए। छात्रों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सरकार से इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान छात्र लगातार नारेबाजी करते रहे। इस दौरान, छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद, छात्र संघ चुनाव बहाल करो और एनईपी 2020 लागू करो, जैसे नारों से कॉलेज परिसर गूंज उठा।
इकाई देहरी के आकाश ने भी छात्रों की ओर से मांगों को प्रखरता से उठाते हुए कहा कि परिषद तब तक संघर्ष करती रहेगी, जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता।