किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध एपीके फाइलें भेजी जा रही है। ऐसे में साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी सोशल माडिया प्लेटफॉर्स विशेषकर व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों एवं आम नागरिकों को संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन की एपीके फाइलें भेज रहे हैं।
ये फाइलें आमतौर पर सरकारी योजना किसान सहायता, सब्सिडी ऐप, ई केवाईसी अपडेट जैसे लुभावने नामों से भेजी जाती है। ये एपीके फाइलें एक प्रकार के वायरस से संक्रमित हो सकती है, जो आपके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचा सकती है। इनके जरिए आपके फोन में मौजूद निजी जानकारी जैसे बैंक विवरण, आधार न बर, पासवर्ड, फोटो अन्य संवेदनशील डेटा चेारी किया जा सकता है। इतना ही नहीं, इससे आपके बैंक खाते से अवैध लेन देन कर वित्तीय नुकसान भी पहुंचाया जा सकता है।
लोग ऐसा न करें, सतर्क रहें
किसी भी अनजान स्रोत से प्राप्त एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें, सरकारी ऐप्स केवल गुगल प्ले स्टोर या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से ही डाउनलोड करें। किसी भी योजना या सहायता से संबंधित जानकारी के लिए केवल सरकार की अधिकृत वेबसाइट या नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) से ही संपर्क करें। व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया पर भेजे गए किसी भी लिंक पर बिना पुष्टि के क्लिक न करें। यदि आपने गलती से ऐसी कोई फाइल डाउनलोड कर ली है, तो तुरंत उसे अपने मोबाइल से हटा दें और नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट करें।
किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध एपीके फाइल भेजने के मामले सामने आ रहे हंै। लोगों को इससे सावधान रहना होगा। अगर किसी भी लोगों को ऐसी कोई फाइल भेजी जाती है तो तुरन्त पुलिस को संपर्क करें। यह एक जनहित में जारी चेतावनी है। कृपया सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।