मंडी। मंडी जिला अदालत में शुक्रवार सुबह उस समय विचित्र स्थिति पैदा हो गई जब न्यायालय परिसर में दर्जनों वकीलों के टेबल कुर्सी जिस पर बैठकर वह रोजाना वकालत के काम निपटाते थे, गायब मिले। इसकी सूचना पुलिस को भी दी गई।
प्रारंभिक छानबीन के बाद सामने आया कि यह वकीलाें व न्यायिक अधिकारियों के बीच पिछले दिनों से परिसर में वकीलों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण परिसर में अंधाधुंध कुर्सियां टेबल लगाए जाने को लेकर हुए टकराव का ही मामला है। ऐसे में वकील तलख हो गए और अदालतों का बहिष्कार करके अदालत परिसर में ही एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे।
बार एसोसिएशन मंडी के प्रधान दिनेश सकलानी की अगुवाई में वकीलों ने हड़ताल कर दी व इस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की। इसी बीच यह मामला पूरे प्रदेश में प्रदेश उच्च न्यायलय तक पहुंच गया।
प्रदेश भर की कई बार एसोसिएशन मंडी की वकीलों के पक्ष में खड़ी हो गई और इसके विरोध में प्रदेश भर में अदालतों को बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया गया। मंडी बार एसोसिएशन ने भी चेता दिया है कि टेबल कुर्सी उस सूरत में रात के अंधेरे में गायब हुए हैं जब मंडी कोर्ट में एक चौकीदार की तैनाती रहती है।
वकील कहते हैं कि एसपी और डीसी ऑफिस से सटे कोर्ट परिसर से टेबल कुर्सी गायब होना कोई सामान्य आपराधिक घटना नहीं है ऐसे में इस पूरे मामले की गहन छानबीन होनी चाहिए और कोर्ट परिसर के सीसीटीवी भी खंगाले जाने चाहिए। खफा वकीलों ने कोर्ट परिसर में ही अपनी एकता का प्रदर्शन भी किया है।
मंडी पुलिस भी इस मामले में फूंक फूंक कर कदम रख रही है और मामला पंजीकृत करने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरी तरफ वकील एफआईआर दर्ज करने पर अड़े हुए हैं।
हालांकि पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा के पास पहुंची इस शिकायत को छानबीन के लिए एएसपी अभिमन्यु वर्मा को सौंप दिया गया है। इसके बाद टेबल कुर्सी गायब होने के मामले में पुलिस ने छानबीन तो शुरू की है लेकिन कोई मामला पंजीकृत नहीं किया है।
एक वकील ने इसकी शिकायत मंडी कोर्ट सहित हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को भी कर दी। हिमाचल हाईकोर्ट ने टेबल कुर्सी को लेकर हुई इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मंडी कोर्ट और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को इस मामले को सुलझाने के निर्देश यह कहते हुए दिए कि आगामी 18 नवंबर तक पूरे विवाद को खत्म कर हाई कोर्ट को अवगत करवाया जाए।
बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट के इन्हीं निर्देशों के चलते मंडी बार नए टेबल कुर्सी लगाने से हुए विवाद के शिकायतकर्ता और दूसरे वकीलों से बातचीत ही कर रही थी कि गुरुवार की रात को वह सभी टेबल कुर्सियां गायब हो गए जिनको लेकर आपत्ति दर्ज करवाई गई थी।
शुक्रवार की सुबह जब टेबल कुर्सियां गायब पाई गईं तो बखेडा खड़ा हो गया और वकील भड़क गए। वकीलों ने मंडी कोर्ट का ही बहिष्कार कर दिया।
पुलिस अधीक्षक मंडी ने मामले का सच सामने लाने का आश्वासन जरूर दिया है लेकिन मंडी डीसी और एसपी आफिस के साथ घटी इस वारदात ने न्याय देव और वकीलों के बीच चल रही तनातनी को भी जग जाहिर कर दिया है।
मंडी एसपी के पास पहुंची शिकायत में वकील विवेक वासु, विवेक परमार, पवन ठाकुर, खेम राज, करण सेन और लीला प्रकाश सहित कुल दस वकीलों के नाम दर्ज हैं। यह वकील फरमाते हैं कि जब हाईकोर्ट ने मामले को सुलझाने के लिए 18 नवंबर का समय दिया था तो फिर रात के अंधेरे में टेबल गायब करने वाला कौन है? इसका पता तो लगना ही चाहिए। इसकी छानबीन के लिए पुलिस को शिकायत सौंपी गई है। जिला अदालत परिसर से गायब टेबलों को देख वकील आग बबूला हैं।
एडवोकेट विजय कान्व, टीआर पठानिया और ललित ठाकुर ने साफ कहा है कि धक्केशाही नहीं चल सकती है। वकीलों के विवाद को सुलझाने के लिए बार एसोसिएशन है। ऐसे में रात के अंधेरे में टेबल गायब करवाना अच्छी परंपरा की शुरुआत नहीं है। वकील लोगों को न्याय दिलवाने के लिए कोर्ट में अपनी काबलियत से केसों में पैरवी कर रहे हैं। टेबल कुर्सी विवाद को कोर्ट के भीतर से ही बढावा दिया गया है और वकील इस हस्ताक्षेप को सहन नहीं करेंगे।
मंडी पुलिस के एएसपी अभिमन्यु वर्मा ने कहा है कि टेबल कुर्सी के इस विवाद के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस मामले की सारी सच्चाई सामने लाएगी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले में एफआईआर करने की जरूरत होगी तो प्रारंभिक जांच के बाद पंजीकृत की जाएगी।
मंडी बार एसोसिएशन के प्रधान दिनेश सकलानी ने कहा है कि वकील सभी कोर्ट का बहिष्कार करेंगे। वकीलों ने फैसला लिया है कि सोमवार के दिन केवल एक कोर्ट का ही बहिष्कार किया जाएगा और अन्य में कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। रात को टेबल गायब करना वकीलों की अहम को चुनौती देना है।






