वरिष्ठ संवाददाता। शिमला प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों को जोर का झटका लगने वाला है। लगातार दो बार रिजल्ट खराब रहने पर संबधित विषय के शिक्षकों की परमानेंट यानि कि अनिश्चिितकाल के लिए इंक्रीमेंट रूक जाएगी। सरकार के आदेशों पर स्कूल शिक्षा निदेशालय ने खाका तैयार कर दिया है। इस बार भी शिक्षकों के खराब रिजल्ट पर सूची आने के बाद पिछले साल के रिजल्ट का भी आकंलन किया जाएगा। उसके बाद जिन शिक्षकों का पिछले वर्ष व इस वर्ष रिजल्ट में खराब परफोर्मेंस रही होगी, उन पर अलग से कार्रवाई के आदेश जारी होंगे। बड़ी बात यह है कि लगातार दो बार खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के सेवाकाल तक इंक्रीमेंट लगने के कोई चॉन्स ही नहीं होंगे। शिक्षा निदेशालय पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई शिक्षकों पर करने वाला है। इसके अलावा एचपी बोर्ड में 25 व इससे भी कम फीसदी रिजल्ट देने वाले शिक्षकों की सूची भी लगभग फाइनल कर दी है।
सौ से ज्यादा टीजीटी व लैक्चरर पर गिरेगी गाज
सौ से ज्यादा टीजीटी व लैक्चरर पर खराब रिजल्ट देने पर गाज गिरेगी। निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार एक बार खराब रिजल्ट पर एक ही इंक्रीमेंट रोकी जाएगी। फिलहाल सरकार की यह सख्ती शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता की तरफ लेकर जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि अब बार-बार खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के लिए इससे भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। ताकि शिक्षक अपने पढ़ाने के काम को हल्के में न लें। आपको बता दे तो प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खराब रिजल्ट की रिपोर्ट बार बार आती है। कई ऐसे भी स्कूल है जहां पर सरप्लस शिक्षक होने के बावजूद भी 25 फीसदी से कम रिजल्ट आ रहा है।
आपको बता दे तो दसवीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में 0 से 25 फीसदी रिजल्ट देने वाले शिक्षकों, प्रधानाचार्य और हैडमास्टर की इंक्रीमैंट तो रोकी ही जाएगी, लेकिन इस बार इन्हें दूसरे जिला में भी ट्रांसफर किया जाएगा। इस दौरान जो शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में हैं, उन्हें दूर दराज के स्कूलों में भेजा जाएगा। वही खराब रिजल्ट पर शिक्षक व प्रीसिंपल की एसीआर में एडवर्स एंट्री करने के भी निर्देश दिए गए हैं। हालांकि खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों में दसवीं कक्षा में 24 हाई स्कूल है और 23 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 0 से 25 प्रतिशत रहा है। सरकार ने पिछले स प्ताह 52 स्कूल मुखिया पर कम रिजल्ट देने पर इंक्रीमेंट रोकने के आदेश दे दिए है। वहीं नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया गया है।
गौर रहे कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 80 हजार से ज्यादा शिक्षक है। कई स्कूलों में एक ही विषय पढ़ाने वाले 2 से 3 शिक्षक नियुक्त है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। बावजूद इसके शहरी इलाकों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिजल्ट में सुधार नहीं हो रहा है। यही वजह है कि अब सरकार बोर्ड रिजल्ट पर शिक्षकों की परफोर्मेंस का हर साल आकंलन करेगी।
बेहतर रिजल्ट पर शिक्षकों को तोहफा
गौर रहे कि बार- बार सौ फीसदी रिजल्ट देने वाले शिक्षकों के लिए भी सरकार डबल तोहफा देने की तैयारी में है। इसमें शिक्षकों को इंक्रीमेंट को बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा बार – बार अच्छी परफार्मेंस देने पर शिक्षकों को पंसदीदा स्टेशन भी दिया जाएगा।








