डेस्क। 7 और 8 सितंबर की रात आसमान पर एक ऐसा नज़ारा बनने जा रहा है, जिसे देखना अपने आप में बेहद खास अनुभव होगा। इस दौरान चंद्रमा करीब 82 मिनट तक गहरे लाल रंग में नज़र आएगा। दरअसल, यह साल 2025 का दूसरा और अंतिम पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जो लगभग 5 घंटे से अधिक समय तक चलेगा।
इस खगोलीय घटना के दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। पृथ्वी की परछाई जब पूरी तरह से चाँद को ढक लेती है, तो वह रोशनी के अभाव में गहरा और रहस्यमयी लाल रंग लेने लगता है। इसी कारण इसे ब्लड मून कहा जाता है।
NASA की व्याख्या
NASA के मुताबिक, चंद्रमा का लाल रंग हर बार समान नहीं होता। इसका असर पृथ्वी के वातावरण पर निर्भर करता है। वायुमंडल में मौजूद धूल, बादल या ज्वालामुखीय राख प्रकाश के बिखराव (Rayleigh Scattering) को बढ़ा देते हैं। इसी वजह से कभी चाँद हल्का तांबे जैसा तो कभी गहरा लाल नज़र आता है।
कहाँ दिखेगा ब्लड मून?
इस दुर्लभ नज़ारे को दुनिया की लगभग 77% आबादी देख सकेगी।
- स्पष्ट रूप से: एशिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया
- आंशिक रूप से: यूरोप और अफ्रीका
- नज़र नहीं आएगा: अमेरिका










