शिमला, ०1 दिसंबर। श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति जाखू की बैठक सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मंदिर परिसर में किए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जाखू मंदिर के गर्भगृह के आसपास चांदी से की जाने वाली नक्काशी के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। इस नक्काशी के डिज़ाइन को अंतिम मंजूरी एसडीएम शहरी, न्यास के सदस्य और जिला भाषा अधिकारी संयुक्त रूप से देंगे। यह प्रस्ताव एक दानकर्ता द्वारा न्यास के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिसने नक्काशी के लिए आवश्यक संपूर्ण खर्च वहन करने की इच्छा जताई है। न्यास द्वारा यह प्रस्ताव बैठक में रखा गया जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई।
इसके अलावा बैठक में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (एचपीपीडब्ल्यूडी) द्वारा तैयार किए गए मास्टर प्लान को भी स्वीकृति दी गई। यह मास्टर प्लान 5 करोड़ 67 लाख रुपये की अनुमानित लागत से तैयार किया गया है, जिसके तहत यज्ञशाला, शू हाउस, नए शौचालय, दुकानें और शेड सहित कई अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह विकास कार्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बैठक में मंदिर की वेबसाइट निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। वेबसाइट का कार्य अंतिम चरण में है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को ऑनलाइन जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
2010 में स्थापित हुई थी हनुमान जी की विशाल मूर्ति
बता दें कि जाखू मंदिर में हनुमान जी की 108 फीट ऊंची विशाल मूर्ति 2008 में बननी शुरू हुई थी और 2010 में इसे स्थापित किया गया था। जाखू मंदिर में हनुमान जी की ये मूर्ति अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता नंदा और उनके पति निखिल नंदा ने बनवाई थी, जो भारत की सबसे बड़ी ओरल-केयर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जेएचएस स्वेन्दगार्ड लेबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं। लोगों का मानना है कि त्रेता युग में राम-रावण युद्ध के दौरान, जब मेघनाथ के बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए, तो सुखसेन वैद्य के कहे अनुसार हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए हिमालय आए थे। इसी दौरान हनुमान जी यहां आकर रुके थे तब से यहां पर आस्था का सैलाब है। वहीं इस मूर्ति का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने किया था।