व्हाट्सएप कॉल कर खुद को केबीसी अधिकारी बताया, मामला दर्ज
ऊना। जिला ऊना में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) में बड़ी रकम मिलने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 62 वर्षीय बुजुर्ग से 8 लाख 54 हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को केबीसी कार्यालय का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के जरिए विश्वास में लिया और टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन व अकाउंट एक्टिवेशन समेत विभिन्न बहानों से कई किश्तों में रकम ऐंठ ली।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस थाना सदर ऊना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को दी शिकायत में विजय कुमार निवासी नंगल सलांगड़ी ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के माध्यम से संपर्क कर खुद को केबीसी कार्यालय का प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके नाम बड़ी धनराशि लंबित है, जिसे कुछ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जारी कर दिया जाएगा।

शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने पहले उनका विश्वास जीता और फिर टैक्स जमा करने, सत्यापन शुल्क, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज और अकाउंट एक्टिवेशन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। झांसे में आकर उन्होंने 16 बार नकद जमा के माध्यम से 7.87 लाख रुपये और 6 यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 67,201 रुपये भेज दिए। इस तरह उन्होंने कुल 22 लेन-देन में 8,54,201 रुपये आरोपियों के खातों में जमा कर दिए।
भुगतान के बावजूद खाते में नहीं आई कोई इनामी राशि
पीड़ित ने बताया कि सभी भुगतान करने के बावजूद उनके खाते में कोई इनामी राशि नहीं आई। बाद में आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल और संदेशों का जवाब देना भी बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर ठगी होने का एहसास हुआ। शिकायत के साथ पीड़ित ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, कॉल विवरण, बैंक जमा पर्चियां, यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध करवाए हैं।
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर शुरू की जांच
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना संजीव भाटिया ने कहा कि पुलिस के अनुसार ठगों ने भारतीय और पाकिस्तानी नंबरों का इस्तेमाल कर संपर्क किया था। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस संबंधित बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जांच कर रही है तथा ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि केबीसी, लॉटरी, इनाम या किसी भी तरह की धनराशि दिलाने का दावा करने वाले अज्ञात कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप लिंक पर भरोसा न करें।







