बीजिंग। पाकिस्तान में असल ताक़त किसके हाथों में है, यह एक बार फिर साफ़ हो गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन दौरे पर गए, लेकिन चर्चा का केंद्र उनके साथ मौजूद सेना प्रमुख और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बन गए।
31 अगस्त से 1 सितंबर तक हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद शहबाज शरीफ ने मंगलवार को बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में न सिर्फ़ उपप्रधानमंत्री इशाक डार, बल्कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी शरीक रहे। तस्वीरों में साफ़ दिखा कि शहबाज के दाएँ-बाएँ इशाक डार और आसिम मुनीर बैठे थे।
सेना की पकड़ बरकरार
पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास में सेना हमेशा हावी रही है। कई दशकों तक देश पर सैन्य शासन रहा और जब-जब लोकतांत्रिक सरकारें बनीं, वे भी सेना के रहमो-करम पर टिकी रहीं। हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत के सामने असफल रहने के बावजूद मुनीर को फील्ड मार्शल पद पर प्रमोशन दिया गया और देश का दूसरा सबसे बड़ा वीरता सम्मान भी उन्हें मिला। इस फैसले को लेकर पाकिस्तान में खूब सवाल उठे थे।
चीन-पाकिस्तान की बढ़ती नज़दीकियां
मीटिंग के बाद जारी पाकिस्तान सरकार के बयान में कहा गया कि “राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन और पाकिस्तान की ऑल-वेदर स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप लगातार मजबूत हो रही है, जिससे शांति, समृद्धि और कनेक्टिविटी बढ़ रही है।”
गौरतलब है कि चीन और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से बेहद गहरे रहे हैं। हथियारों से लेकर बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) तक, इस्लामाबाद बीजिंग का अहम सहयोगी रहा है। यहां तक कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चीन ने पाकिस्तान को सैटेलाइट इमेज और कम्युनिकेशन सपोर्ट उपलब्ध कराया था।
भारत-चीन वार्ता भी हुई
उधर, एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास और संवेदनशीलता को द्विपक्षीय रिश्तों का आधार बताया। जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को दुश्मन के बजाय साझेदार के रूप में देखा जाना चाहिए।