धर्मशाला। आज पुलिस ग्राउंड में 18 अलग–अलग पेंशनर संगठनों ने पेंशन संघर्ष सिमित के बैनर तले एकजुट होकर हिमाचल सरकार के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी पुलिस मैदान में रैली निकाली। धर्मशाला के पुलिस ग्राउंड में सुबह से ही पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस दौरान पेंशन, वेतनमान, भत्ते और कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों पर सरकार को चेतावनी दी है। पेंशनर संगठनों ने साफ कहा है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर अब जल्द निर्णय ले। ऐसा न होने पर अब पेंशनर्स अपना आंदोलन तेज करेंगे। पुरानी पेंशन बहाली, एसीपी, मेडिकल रीइंबर्समेंट, नई भर्तियों में पारदर्शिता और वेतनमान समायोजन सहित कई मुद्दों को लेकर 18 संगठनों ने एक स्वर में सरकार पर वादे न निभाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की है।
तीन सालों से मांगों पर नहीं सुनवाई
सुरेश ठाकुर ने सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘पिछले तीन वर्षों से हमारी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री हमसे मिलने तक तैयार नहीं हैं, जिससे उम्रदराज पेंशनर्स में भारी आक्रोश है। सरकार प्रदेश के बुजुर्गों को उनके हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रही है। ये कोई मांग नहीं, बल्कि पेंशनर्स की मेहनत और अधिकार है, जिसे सरकार टाल रही है। ‘
‘पेंशनरों की मांगे पूरा करे सरकार’
पेंशन फेडरेशन के उपप्रधान अमरनाथ ने कहा कि ‘हिमाचल प्रदेश के सभी पेंशनर का जनवरी 2016 से जनवरी 2022 तक नए वेतनमान के अनुसार एरियर लंबित है और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। 90 साल तक के बुजुर्ग अपने एरियर और मेडिकल बिलों का इंतजार कर रहे हैं। 25 से 30 लाख का बकाया सरकार को पेंशनर का देना है। विधायक अपनी पेंशन और सैलरी तो बढ़ा लेते हैं, लेकिन हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सरकार पेंशनर से वार्ता करे और हमारी मांगे पूरी करे, ताकि किसी भी टकराव से बचा जा सके। ‘
बता दें कि हिमाचल में 1 लाख 78 हजार के करीब पेंशनर हैं। सरकार हर माह पेंशन पर 800 करोड़ रुपये खर्च करती है। हिमाचल प्रदेश में साल 2016 में छठा वित्त आयोग लागू हुआ था और साल 2026 में अब दोबारा से नया वित्त आयोग लागू होने वाला है, लेकिन अभी तक पेंशनर को छठे वेतन आयोग एरियर नहीं मिल पाया है।




