हिमाचल दस्तक ब्यूरो। बिलासपुर
बिलासपुर के सरस्वती विद्या मंदिर मेन मार्केट विद्यालय में शिशु विकास में अभिभावकों की सहभागिता विषय पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में घुमारवीं क्षेत्र के प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. सुमन रतन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, वहीं पूर्व प्रधानाचार्य अंजना शर्मा व विश्व हिंदू परिषद की प्रांत मंत्री विमला अंगिरस विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुईं। कार्यशाला में मातृशक्ति को शिशु विकास से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।
इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉक्टर सुमन रतन ने कहा कि वर्तमान समय बहुत ही चुनौतीपूर्ण वातावरण से गुजर रहा है। इस समय में मातृशक्ति को अपने शिशु विकास की ओर पूर्ण ध्यान देना चाहिए व जागरूक होकर उनके विकास में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिशु विकास के लिए संस्कारों का होना बहुत ही आवश्यक है और केवल सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल ही इस समय संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को इस कार्यशाला के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और ऐसी कार्यशालाएं भविष्य में भी आयोजित करते रहने की सलाह दी।
पूर्व प्रधानाचार्य अंजना संख्यान ने कार्यक्रम में शामिल हुई मातृशक्ति को आह्वान करते हुए कहा कि शिशु विकास के लिए उसकी प्रथम गुरु मां होती है। लिहाजा अपने बच्चे के सर्वांगीण विकास में जागरूक होकर आगे बढ़ें। विश्व हिंदू परिषद की प्रांत संगठन मंत्री विमला अंगिरस ने मातृशक्ति से शिशु विकास के साथ-साथ अपने धर्म के प्रति भी जागरूक रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर शिशुओं के साथ स्कूल की शिक्षिकाओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्कूल शिक्षिका प्रोमिला व सुनीता ने क्रियाकलाप के माध्यम में शिशु विकास को दर्शाया तो वहीं शिक्षिका निर्मला व नीलम ठाकुर ने शिशु विकास की प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक सुरेश चौधरी, जिला कार्यसमिति सदस्य मदन लाल सहित स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रविंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपिका सरीन, सहित स्कूल प्रधानाचार्य रंजना शर्मा, शिक्षिका प्रोमिला, निर्मला, सुनीता, नीलम ठाकुर भी उपस्थित रहीं।






