नेरचौक मेडिकल कालेज में पूरी की तमाम औपचारिकताएं
ललित ठाकुर । पधर : मंडी जिला के द्रंग विधानसभा क्षेत्र की पाली पंचायत के निवासी कैप्टन जोगिंदर सिंह ने मरणोपरांत अपनी देह दान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने बाकायदा नेरचौक मेडिकल कॉलेज में विभाग प्रमुख (एचओडी) के पास तमाम औपचारिकताओं को पूरा कर अपना पंजीकरण करवाया है।
कैप्टन जोगिंदर ने भारतीय सेना में 32साल अपनी सेवाएं देते हुए देश की रक्षा की है। वह वर्ष 2001 में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेना से सेवानिवृत्त होने के उपरांत समाज सेवा के साथ साथ सामाजिक गतिविधियों और अन्य क्रियाकलापों में सक्रिय रहे हैं। उनका कहना है कि इस दौरान उन्होंने यह एनालाइज किया कि इंसान का शरीर मरणोपरांत राख बनता है। लेकिन यह शरीर राख न बनते हुए किसी के काम आए, इस बात को ध्यान में रखते हर देहदान का निर्णय उन्होंने अपने स्तर पर लिया।
बकौल कैप्टन जोगिंदर, मानवता के लिए शरीर दान करना इंसान के लिए सब से बड़ा पुण्य है। शरीर छूटने के बाद शरीर के काम आने वाले अंग आंखें, गुर्दे, ब्रेन पार्ट सहित अन्य अंग जरूरतमंद, असहाय व गरीब लोगों की जान बचाने के काम आए। उसके प्रशिक्षु डाक्टरों भी अंगों के प्रशिक्षण से कई जान बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह शरीर मृत्यु और दाह संस्कार के बाद केवल राख का ढेर मात्र रह जाता है।
इसलिए मरणोपरांत मानवता के लिए अपने शरीर के समस्त अंगदान व देहदान करने का संकल्प लिया है। श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल नेरचौक जाकर देहदान की सभी औपचारिकताओं को पूरा किया है।








